Corona Ke Paar | Neema Asthana | Neelam Publication
₹299.00 Original price was: ₹299.00.₹280.00Current price is: ₹280.00.
Corona Ke Paar | Neema Asthana | Neema Asthana
“कोरोना के पार” केवल कोरोना महामारी की कहानी नहीं, बल्कि उन अनगिनत भावनाओं, संघर्षों, उम्मीदों और मानवीय संवेदनाओं का दस्तावेज़ है, जिन्हें पूरी दुनिया ने एक साथ महसूस किया। यह पुस्तक उस दौर की यादों को शब्द देती है, जब जीवन अनिश्चितताओं से घिरा था, लेकिन मानवता, साहस और सेवा की भावना पहले से कहीं अधिक मजबूत होकर सामने आई।
इस पुस्तक में डॉक्टरों, नर्सों, मेडिकल विद्यार्थियों और स्वास्थ्य कर्मियों के अनुभवों, उनके मनोभावों तथा लेखिका के स्वतंत्र विचारों को साहित्यिक रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसमें संकलित लेख, संस्मरण और कहानियाँ पाठकों को महामारी के उन अनछुए पहलुओं से परिचित कराती हैं, जहाँ कर्तव्य, त्याग, रिश्तों की अहमियत और जीवन का वास्तविक अर्थ उजागर होता है।
लॉकडाउन के दिनों ने हमें स्वयं से मिलने, परिवार के महत्व को समझने और समाज के प्रति अपने दायित्वों को पहचानने का अवसर दिया। यह पुस्तक हमें याद दिलाती है कि परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, आशा, विश्वास और मानवीय संवेदनाएँ ही हमें हर संकट से आगे बढ़ने की शक्ति देती हैं।
“कोरोना के पार” प्रत्येक पाठक के लिए एक भावनात्मक, प्रेरणादायक और विचारोत्तेजक यात्रा है, जो महामारी के अंधकार से निकलकर जीवन के नए उजाले की ओर ले जाती है।
Corona Ke Paar | Neema Asthana | Neelam Publication
“कोरोना के पार” केवल कोरोना महामारी का दस्तावेज़ नहीं, बल्कि उस दौर में मानवता, संघर्ष, सेवा, संवेदनाओं और उम्मीद की एक सशक्त अभिव्यक्ति है। इस पुस्तक में लेखिका ने अपने स्वतंत्र विचारों के साथ चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े डॉक्टरों, नर्सों, मेडिकल विद्यार्थियों एवं मित्रों के अनुभवों और मनोभावों को साहित्यिक रूप में प्रस्तुत किया है। पुस्तक में शामिल सभी लेख, कहानियाँ, पात्र एवं घटनाएँ काल्पनिक हैं, जिनका उद्देश्य केवल मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक यथार्थ को अभिव्यक्त करना है।
यह कृति कोरोना काल के संघर्ष, स्वास्थ्यकर्मियों के अद्भुत समर्पण, लॉकडाउन के आत्ममंथन, जीवन के बदलते मूल्यों, मित्रता, परिवार, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था के महत्व को भावनात्मक एवं प्रेरणादायक शैली में प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक पाठकों को जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और मानवता की शक्ति को पहचानने की प्रेरणा देती है।
नीमा अस्थाना का जन्म 11 दिसंबर 1967 को हुआ। आपने बी.एस.सी., एम.ए. (अंग्रेजी साहित्य), बी.एड., बी.लिब. आई.एस.सी. तथा एम.लिब. आई.एस.सी. जैसी उच्च शिक्षा प्राप्त की है। पत्रकारिता और शिक्षा—दोनों क्षेत्रों में आपका उल्लेखनीय योगदान रहा है। भारत के प्रमुख समाचार पत्रों में लगभग 15 वर्षों तक कार्य करने का अनुभव प्राप्त करने के पश्चात वर्तमान में आप इंग्लिश पीजीटी (PGT) के रूप में कार्यरत हैं तथा अध्यापन के क्षेत्र में दस वर्षों से अधिक का समृद्ध अनुभव रखती हैं।
साहित्य सृजन आपकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। आपका अंग्रेजी उपन्यास ‘Oh Dear, We Miss You a Lot’, कहानी संग्रह ‘लिपिका’, काव्य संग्रह ‘यशोदा के नंदलाला’ तथा ‘उम्मीदों का नववर्ष’ प्रकाशित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त आपकी रचनाएँ ‘अनसुनी कहानियाँ’ कहानी संग्रह सहित विभिन्न साहित्यिक मंचों एवं संकलनों में प्रकाशित हुई हैं।
आप एक प्रेरक वक्ता (Motivational Speaker) एवं बाल साहित्यकार के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान रखती हैं। आपकी लेखनी संवेदनशीलता, सकारात्मक सोच, मानवीय मूल्यों और सामाजिक सरोकारों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त करती है। साहित्य, शिक्षा और समाज सेवा के प्रति आपका समर्पण आपकी रचनाओं में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होता है।

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