दिल की दहलीज़
दिल की दहलीज़ by Dinesh Varma (Author, Editor) Original price was: ₹350.00.Current price is: ₹300.00.
Back to products
Kukurmutte
Kukurmutte by Subhash Chandra (Author) Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹250.00.

Bachpan Ki Yaaden by Dinesh R. Varma (Author)

Original price was: ₹350.00.Current price is: ₹300.00.

बचपन की यादें एक ऐसी धरोहर हैं, जो जीवन के हर मोड़ पर हमारे साथ रहती हैं। ये यादें हमें हमारी मासूमियत, हमारे सपनों और उन छोटे-छोटे पलों की याद दिलाती हैं, जो शायद हमें तब साधारण लगते थे, लेकिन आज जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो वे सबसे कीमती अनुभव बन जाते हैं। जब हम बचपन की बात करते हैं, तो सबसे पहले वो खेल याद आते हैं, जो हमने अपने दोस्तों के साथ खेले थे। गली में क्रिकेट खेलना, पतंग उड़ाना, छुपन-छुपाई और जाने कितने ही खेल, जिनके लिए न किसी महंगे उपकरण की जरूरत थी, न किसी खास स्थान की। बस दोस्तों का साथ और खुला आसमान ही काफी था। इन खेलों ने हमें दोस्ती, टीम वर्क और ईमानदारी का पाठ पढ़ाया, जो आज भी हमारे जीवन में काम आते हैं। बचपन का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा है परिवार के साथ बिताया समय। माँ की ममता, पिता की सीख, दादा-दादी की कहानियाँ और भाई-बहनों के साथ झगड़े और प्यार, ये सब यादें हमारे दिल में बसी रहती हैं। माँ के हाथों का बना खाना, पिता के साथ शाम की सैर, दादी की गोदी में सोना, ये सब हमें उस सुरक्षित और प्यार भरे माहौल की याद दिलाते हैं, जो बचपन को खास बनाता है।

11 People watching this product now!
Description

बचपन की यादें एक ऐसी धरोहर हैं, जो जीवन के हर मोड़ पर हमारे साथ रहती हैं। ये यादें हमें हमारी मासूमियत, हमारे सपनों और उन छोटे-छोटे पलों की याद दिलाती हैं, जो शायद हमें तब साधारण लगते थे, लेकिन आज जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो वे सबसे कीमती अनुभव बन जाते हैं। जब हम बचपन की बात करते हैं, तो सबसे पहले वो खेल याद आते हैं, जो हमने अपने दोस्तों के साथ खेले थे। गली में क्रिकेट खेलना, पतंग उड़ाना, छुपन-छुपाई और जाने कितने ही खेल, जिनके लिए न किसी महंगे उपकरण की जरूरत थी, न किसी खास स्थान की। बस दोस्तों का साथ और खुला आसमान ही काफी था। इन खेलों ने हमें दोस्ती, टीम वर्क और ईमानदारी का पाठ पढ़ाया, जो आज भी हमारे जीवन में काम आते हैं। बचपन का एक और महत्वपूर्ण हिस्सा है परिवार के साथ बिताया समय। माँ की ममता, पिता की सीख, दादा-दादी की कहानियाँ और भाई-बहनों के साथ झगड़े और प्यार, ये सब यादें हमारे दिल में बसी रहती हैं। माँ के हाथों का बना खाना, पिता के साथ शाम की सैर, दादी की गोदी में सोना, ये सब हमें उस सुरक्षित और प्यार भरे माहौल की याद दिलाते हैं, जो बचपन को खास बनाता है।

Author Bio

No author bio provided.

Reviews (0)
0 reviews
0
0
0
0
0

There are no reviews yet.

Be the first to review “Bachpan Ki Yaaden by Dinesh R. Varma (Author)”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1 2 3 4 5
1 2 3 4 5
1 2 3 4 5