JAKHAM E BEWAFAI
Jakhyam-E-Bewafai Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹289.00.
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Pagdandiyan
Pagdandiyan Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹250.00.

Amoo (By Kanchan Singh)

Original price was: ₹500.00.Current price is: ₹450.00.

यह कहानी है अमू की, जिसकी जीवन यात्रा एक छोटे से गाँव से आरंभ होती है| भारतीय काव्य शास्त्र में वर्णित नौ रसों से ओत-प्रोत अमू की ज़िन्दगी के विभिन्न आयामों को छूती यह गाथा 80 के दशक से प्रारंभ होकर वर्तमान में पूर्ण होती है| उपन्यास अमू के इर्द-गिर्द बुना गया है| बाल्यावस्था में उसके जीवन की धुरी उसका परिवार है, जिसमें माँ, पापा और दादी हैं, और हैं सरा, काली, और गौरा| हाँ, बड़ा भाई भी है, किन्तु वह दिल्ली नाना-नानी के पास रहता है| युवावस्था में एक प्रण को पूरा करने हेतु अमू दिल्ली आता है, जिसे पूर्ण करने में वह सफ़ल होता है| किन्तु उसे संशय है, क्या वास्तव में उसे वही चाहिए था जो उसने हासिल किया? कभी-कभी उसे लगता है जैसे सब माया है, जैसे एक मिला तो बाकी छूट गया, जैसे वह ठगा गया| चालीस पार कर चुका अमू अपने को अकेला पाता है| किन्तु फ़िर सलोनी की आवाज़ सुनकर उसके मन में आशा की किरण जाग उठती है| ‘अमू’ एक यथार्थवादी उपन्यास है| मानवीय रिश्तों का बेबाकी से आकलन करती यह पुस्तक वास्तविक दुनिया में घटने वाली घटनाओं और परिस्थितियों का दर्पण है । पुस्तक के माध्यम से रोज़मर्रा की जिंदगी, सामाजिक मुद्दों और मानव स्वभाव की जटिलताओं को उकेरने का प्रयास किया गया है। उपन्यास चार खण्डों में विभक्त है| प्रथम खण्ड में अमू – कहानी के मुख्य पात्र – के माध्यम से उत्तराखंड के ग्रामीण जीवन का चित्रण किया गया है| द्वितीय खण्ड में अमू के दिल्ली जाने और अपने प्रण को, जो उसने गाँव के एक शहीद सैनिक की जलती चिता पर लिया था, को पूर्ण करने का वर्णन है| तृतीय खण्ड में अमू के कॉलेज जीवन को, जहाँ उसकी भेंट सलोनी और संचिता से होती है, समेटा गया है, और चतुर्थ खण्ड अमू की ज़िन्दगी का फ़लसफ़ा है, जहाँ वह जोड़-घटा, गुणा-भाग करके समझने की कोशिश कर रहा है कि ज़िन्दगी में क्या खोया और क्या पाया। अंततः ‘इति’ है, जो अमू के लिए आशा की एक नई किरण लेकर आती है|

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