Trivenee Sansar | BY Sanjay Sahebrao Pawar | Neelam Publication
₹350.00 Original price was: ₹350.00.₹345.00Current price is: ₹345.00.
हिंदी साहित्य रत्नाकर में संजय पवार की एक नई किताब त्रिवेणी संसार आपके समक्ष है।
मुझे उम्मीद है प्रिय पाठकगण इसका स्वागत करेंगे।
त्रिवेणी संसार को पढ़कर यह निश्चित है कि आपको आनंद की अनुभूति होगी।
साहित्य की असंख्य विधाओं में कविता का अपना महत्वपूर्ण स्थान है।
साहित्य के आदिकाल से अपनी बात कविता के माध्यम से कहने का चलन रहा है।
कविता के भी समयानुसार कितने ही भेद आते गए और ऐसे ही नए नए प्रकारों में साहित्यकार अपनी कलम आजमाते रहे, ख्याति प्राप्त होते रहे।
कविता का एक लघु रूप त्रिवेणी है।
त्रिवेणी तीन पंक्तियों वाली कविता है।
इसे लघु कविता कह सकते है।
त्रिवेणी भले ही तीन पंक्तियों वाली लघु कविता हो लेकिन इसका लघु रूप तब विशाल बन जाता है जब केवल तीन पंक्तियाँ अद्भुत अर्थ सामर्थ्य पेश करती है।
त्रिवेणी गागर में सागर भरने की काव्य कला है।
त्रिवेणी का इतिहास बहुत पुराना नहीं है।
कहते है त्रिवेणी साहित्य विधा भारतीय फिल्म जगत के प्रसिद्ध कवि, गीतकार, फिल्म निर्माता, दादासाहब फालके पुरस्कार से सम्मानित श्री. संपूर्णसिंह कालरा अर्थात कवि गुलजार जी की हिंदी साहित्य जगत के लिए देन है।
उन्होंने ही कविता के इस रूप से लोगों को सबसे पहले अवगत कराया है।
Trivenee Sansar | BY Sanjay Sahebrao Pawar | Neelam Publication
Trivenee Sansar | BY Sanjay Sahebrao Pawar | Neelam Publication

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