Registani Nadi Ek Atmakatha
Registani Nadi Ek Atmakatha by Kailash Bera 'Kabalian Rashe' (Author Original price was: ₹300.00.Current price is: ₹270.00.
Back to products
Wake up yourself to success
Wake up yourself to success by Sujal Narvariya (Author) Original price was: ₹280.00.Current price is: ₹225.00.

Kalam Ke Jadugar by Dinesh R. Varma (Author)

Original price was: ₹350.00.Current price is: ₹300.00.

साहित्य की दुनिया में कलम का जादू बिखेरने वाले लेखक सदियों से हमारे समाज का आईना रहे हैं। वे अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज आइना दिखाते आए हैं। ऐसे ही लेखकों की लेखनी का संकलन, ‘नीलम पब्लिकेशन’ ‘कलम के जादूगर’ आपके समक्ष प्रस्तुत है, जो न केवल साहित्य प्रेमियों के लिए एक अनुपम धरोहर साबित होगी , बल्कि उन सभी के लिए भी प्रेरणा स्रोत है जो साहित्यिक यात्रा पर अग्रसर हैं। संकलन में शामिल प्रत्येक लेखक की अपनी विशिष्ट शैली और दृष्टिकोण है, जो उन्हें भीड़ से अलग बनाता है। जैसे प्रेमचंद अपनी कहानियों में ग्रामीण भारत की समस्याओं और सामाजिक अन्याय को उजागर करते हैं, वैसे ही रवींद्रनाथ टैगोर अपनी कविताओं और कहानियों में मानवता और प्रकृति की सुंदरता का वर्णन करते हैं। इस संकलन में लेखकों की विविधता हमें यह सिखाती है कि साहित्य की शक्ति कितनी व्यापक और विविध हो सकती है। साहित्य का मूल उद्देश्य समाज को जागरूक करना और उसे दिशा देना है। यह संकलन इस उद्देश्य को पूर्णतः सार्थक करता है। हर लेखक ने अपने समय की चुनौतियों, संघर्षों और जीत को अपने लेखन में उतारा है। यह हमें हमारे इतिहास, संस्कृति और समाज की गहरी समझ प्रदान करता है। ‘नीलम पब्लिकेशन’ आप सभी सुधी लेखकों का आभार प्रकट करता है; आपकी लेखनी की वजह से ही यह संकलन संग्रहणीय बन सका है. अंत में सिर्फ इतना ही कहना चाहूँगा कि ‘कलम के जादूगर’ जैसा संकलन साहित्य की अमूल्य धरोहर को संजोकर रखने का यह एक अद्वितीय प्रयास है जो साहित्य प्रेमियों और समाज के हर वर्ग के लिए अत्यंत मूल्यवान है।

19 People watching this product now!
Description

साहित्य की दुनिया में कलम का जादू बिखेरने वाले लेखक सदियों से हमारे समाज का आईना रहे हैं। वे अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज आइना दिखाते आए हैं। ऐसे ही लेखकों की लेखनी का संकलन, ‘नीलम पब्लिकेशन’ ‘कलम के जादूगर’ आपके समक्ष प्रस्तुत है, जो न केवल साहित्य प्रेमियों के लिए एक अनुपम धरोहर साबित होगी , बल्कि उन सभी के लिए भी प्रेरणा स्रोत है जो साहित्यिक यात्रा पर अग्रसर हैं। संकलन में शामिल प्रत्येक लेखक की अपनी विशिष्ट शैली और दृष्टिकोण है, जो उन्हें भीड़ से अलग बनाता है। जैसे प्रेमचंद अपनी कहानियों में ग्रामीण भारत की समस्याओं और सामाजिक अन्याय को उजागर करते हैं, वैसे ही रवींद्रनाथ टैगोर अपनी कविताओं और कहानियों में मानवता और प्रकृति की सुंदरता का वर्णन करते हैं। इस संकलन में लेखकों की विविधता हमें यह सिखाती है कि साहित्य की शक्ति कितनी व्यापक और विविध हो सकती है। साहित्य का मूल उद्देश्य समाज को जागरूक करना और उसे दिशा देना है। यह संकलन इस उद्देश्य को पूर्णतः सार्थक करता है। हर लेखक ने अपने समय की चुनौतियों, संघर्षों और जीत को अपने लेखन में उतारा है। यह हमें हमारे इतिहास, संस्कृति और समाज की गहरी समझ प्रदान करता है। ‘नीलम पब्लिकेशन’ आप सभी सुधी लेखकों का आभार प्रकट करता है; आपकी लेखनी की वजह से ही यह संकलन संग्रहणीय बन सका है. अंत में सिर्फ इतना ही कहना चाहूँगा कि ‘कलम के जादूगर’ जैसा संकलन साहित्य की अमूल्य धरोहर को संजोकर रखने का यह एक अद्वितीय प्रयास है जो साहित्य प्रेमियों और समाज के हर वर्ग के लिए अत्यंत मूल्यवान है।

Author Bio

No author bio provided.

Reviews (0)
0 reviews
0
0
0
0
0

There are no reviews yet.

Be the first to review “Kalam Ke Jadugar by Dinesh R. Varma (Author)”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1 2 3 4 5
1 2 3 4 5
1 2 3 4 5